Wazu Ke Faraiz : वजू में कितने और कौन कौन से फर्ज होते हैं?

हम में से अक्सर कई लोग वजू का तरीका तो जानते हैं लेकिन इसकी छोटी छोटी बातों से नावाकिफ रह जाते हैं जैसे कि Wazu Ke Faraiz यह बहुत ज़रूरी होता है वजू को मुकम्मल करने के लिए।

ऐसे में हमलोग को यह जानना बेहद जरूरी है कि वजू के कितने और कौन कौन सी फर्ज़ है और उसे किस तरह पुरी की जाए जिसे हमारी वजू शरीयत के मुताबिक पुरा हो जाए इसीलिए आप यहां पर ध्यान से पढ़ें और समझें।

Wazu Ke Faraiz

  1. मुंह धोना
  2. कोहनियों समेत दोनों हाथ धोना
  3. सर का मसह करना
  4. टखनों समेत दोनों पांव को धोना

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#1. मुंह धोना

  • वजू करते समय इस बात का ज़रूर ख्याल रखें कि चेहरे को लंबाई से धोना शुरू करें यानी सर में पेशानी की तरफ का वह हिस्सा जहां से आम तौर पर बाल जमने शुरू होते हैं।
  • यहां से शुरू करें फिर अपने ठोड़ी तक धोएं और चौड़ाई में एक कान से दुसरे कान तक इस तरह से धोएं की अन्दर चमड़े के हर हिस्से पर एक बार बह जाए यही फर्ज है।

#2. कोहनियों समेत दोनों हाथ धोना

  • यह बहुत ही नज़र व जहन में रखने वाली बात है कि वजू करते समय अपने हाथ को कोहनी से लेकर के हाथ के आख़िरी हिस्से तक खूब अच्छी तरह से धोएं।
  • अगर कोहनियों से नाखून तक कोई जगह थोड़ा भी धुलने से रह जाएगी तो वजू होगी नहीं इसी तरह अपने दोनो हाथों को हर हिस्से यानी कोहनी से नाखून तक धोएं।
  • अपने हाथों से हर किस्म के गहने या हाथ में पहनने की चीज़ चाहे जैसे भी हो उतार लें अगर आप को लगे की इसे पहने हुए करे तो पानी चला जाएगा तो कोई हर्ज़ नहीं रहने दें।
  • अगर नहीं उतारा तो सभी पर अच्छी तरह पानी बहाएं जिस से नीचे तक पानी पहुंच जाए अगर ज्यादा जकड़ा हुआ हो तो उसे अच्छी तरह से बहाते हुए हिलाएं।

#3. सर का मसह करना

  • सर का मसह इस तरह से करें कि अपने हाथ की हथेलियों को अच्छी तरह से भीगा कर के चौथाई सर का मसह करें इसका ख्याल रखना बहुत ही ज़रूरी है।
  • क्योंकी कभी कभी लोग ऐसे ही बगैर अच्छी तरह मसह करे ही वजू करके उठ जाते हैं ऐसे में वजू होगा ही नहीं अगर बाल न हो तो भी चौथाई हिस्से का मसह करें।
  • इमामे पगड़ी और दुपट्टे पर मसह काफ़ी नहीं लेकीन टोपी दुपट्टा इतना बारीक हो की पानी अलग हो कर चौथाई सर को भीगा दे तो ऐसे में मसह हो जाएगा।

#4. टखनों समेत दोनों पांव को धोना

  • इस तरह से अपने पैरों को कम से कम एक बार धोए की पांव के गट्टों समेत अच्छी तरह उस पर पानी बह जाए छले व गहना हो तो उसे निकाल लें।
  • अगर ऐसा हो की उससे पहने हुए ही अन्दर पानी चला जाए और धूल जाए तो कोई हर्ज नहीं सभी हिस्सों में पानी बह जाए इस का ख्याल रखें वरना वजू नही होगा।

FAQs

  1. वजू करने समय घड़ी पहने हो तो उतारना चाहिए?

    अगर घड़ी ढीली हो तो पानी को अच्छे से बहाएं तंग हो तो हिला कर बहाएं अगर अन्दर पानी न पहुंचे तो घड़ी खोल लें।

  2. अगर बाल लटका हो तो मसह होगा?

    अगर सर का बाल लटका हो तो उस पर मसह हरगिज़ नही होगा सिर्फ सर के नज़दीक के बाल का होगा।

  3. पांव में रस्सी बंधी हो तो फर्ज पूरा होगा या नहीं?

    किसी बिमारी की वजह से लोग पांव के अंगूठों में तागा बांधते हैं ऐसे में पानी न पहुंचे तो फर्ज पूरा नहीं होगा।

अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों अब तक तो आप भी आसानी से वजू के फ़राइज़ को जान गए होंगे और इसे अमल में भी लाएंगे हमने यहां पर सभी बातों को हिंदी के बहुत ही साफ़ और आसान लफ्ज़ों में बताया था।

जिसे आप पढ़ कर समझ जाएं और अमल में ला कर ख़ूब सवाब हासिल करें अगर इसे मुकम्मल पढ़ने के बाद भी आपके मन में वजू के फ़राइज़ से रिलेटेड कोई सवाल हो तो आप हमसे कॉमेंट करके ज़रूर पूछें।

अगर यह पैग़ाम आपको अच्छा लगा हो यानी इसे कुछ अच्छी इल्म हासिल हुई हो तो आप इसे दुसरे लोगों तक जरूर पहुंचाएं ताकि सभी लोग फर्ज़ के मुताबिक़ वजू करके ख़ुद को इबादत के लायक बना सकें।

My name is Muhammad Ittequaf and I'm the Editor and Writer of Namazein. I'm a Sunni Muslim From Ranchi, India. I've experience teaching and writing about Islam Since 2019. I'm writing and publishing Islamic content to please Allah SWT and seek His blessings.

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