Shab E Qadr Ki Namaz Ka Tarika । शब ए कद्र की नमाज़ का सही तरीक़ा

आज यहां आप Shab E Qadr Ki Namaz Ka Tarika बहुत ही आसानी से जानेंगे क्योंकी हमने यहां पर शब ए कद्र की नमाज़ पढ़ने का सही तरीक़ा, नियत, रकात सभी चीजें बहुत ही स्पष्ट और आसान लफ़्ज़ों में बताया है।

इसे पढ़ने के बाद आप बहुत ही आसानी शब ए कद्र की नमाज़ अदा कर पाएंगे फिर इसके बाद आपको कहीं पर भी शब ए कद्र की नमाज़ अदा करने का तरीका ढूंढनी नहीं पड़ेगी इसीलिए आप यहां पे पुरा ध्यान से पढ़ें।

Shab E Qadr Ki Namaz Ka Tarika

आपको सबसे पहले यह मालूम होना चाहिए की शब ए कद्र की नमाज़ में 2 रकात की नफ्ल नमाज़ और चार रकात की नफ्ल नमाज़ भी पढ़नी होती है।

आप यहां पर सबसे पहले 2 रकात वाली शब ए कद्र की नमाज़ का तरीका जानेंगे इसके बाद हमने 4 रकात वाली नमाज़ का भी तरीका बताया है।

Shab E Qadr Ki Namaz Ka Tarika – पहली रकात

  1. सबसे पहले शब ए कद्र की 2 रकात नमाज़ की नियत करें।
  2. नीचे हमने शब ए कद्र की नमाज़ की नियत भी बताई है।
  3. फिर इसके बाद अल्लाहु अकबर कह कर हांथ बांध लेंगे।
  4. इसके बाद सना यानी सुब्हान क अल्लाहुम्म पुरा पढ़ेंगे।
  5. अब तअव्वुज यानी अउजुबिल्लाहि मिनश शैतानिर्रजीम पढ़ें।
  6. फिर तस्मियह यानी बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम पढ़ें।
  7. अब इसके बाद सुरह फातिहा यानि अल्हम्दु शरीफ को पढ़े।
  8. सूरह फातिहा पूरा पढ़ कर आहिस्ते से आमिन भी कहेंगे।
  9. अब सूरह कद्र यानी इन्ना अन्जलना हू 3 मरतबा पढ़ेंगे।
  10. फिर सुरह इख्लास कुल हू वल्लाहु शरीफ 5 मरतबा पढ़े।
  11. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएंगे।
  12. यहां रूकूअ में 3 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ेंगे।
  13. इसके बाद समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए उठें।
  14. फिर उठ जाने पर रब्बना लकल हम्द भी कहेंगे।
  15. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दा में जाएंगे।
  16. सज्दे में कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  17. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएं।
  18. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करेंगे।
  19. दुसरी सज्दा में भी 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ेंगे।
  20. यहां तक आपकी शब ए कद्र की नमाज़ 1 रकात हो गई।
  21. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं।

Shab E Qadr Ki Namaz Ka Tarika – दूसरी रकात

  1. यहां पर पहले अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह पढ़ें।
  2. इसके बाद सूरह फातिहा पुरा पढ़ कर आमिन कहेंगे।
  3. यहां भी आपको सूरह कद्र 3 मरतबा ही पढ़ना है।
  4. फिर सुरह इख्लास को भी 5 ही मरतबा पढ़ना है।
  5. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएंगे।
  6. यहां रूकूअ में 3 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ेंगे।
  7. इसके बाद समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए उठें।
  8. फिर उठ जाने पर रब्बना लकल हम्द भी कहेंगे।
  9. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएंगे।
  10. सज्दे में कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  11. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएं।
  12. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करेंगे।
  13. दुसरी सज्दा में भी 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ेंगे।
  14. दुसरी सज्दा मुकम्मल करने के बाद अब आप।
  15. अल्लाहु अकबर कहते हुए तशह्हुद के लिए बैठ जाएंगे।
  16. इसके बाद अत्तहिय्यात यानी तशह्हुद को पुरा पढ़ेंगे।
  17. अत्तहिय्यात पढ़ते हुए जब अश्हदु ला पर पहुंचे।
  18. तो दाहिने हाथ से शहादत उंगली को खड़ा करेंगे।
  19. फिर इल्लाहा पर उंगली गिरा कर सीधी कर लेंगे।
  20. इसके बाद दुरूद शरीफ में दुरूदे इब्राहिम को पढ़ें।
  21. फिर इसके बाद दुआए मासुरह को पढ़ेंगे।
  22. अब आप इसके बाद सलाम फेर लेंगे।
  23. सबसे पहले अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए दाहिने तरफ गर्दन घुमाएं।
  24. फिर अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए बाएं जानिब गर्दन को घुमाएं।

यहां तक आपकी शब ए कद्र की 2 रकात वाली नमाज़ की दोनों रकात मुकम्मल हो गई इस तरह आप सिर्फ़ शब ए कद्र की रात 2 रकात नमाज़ पढ़ें।

नमाज़ मुकम्मल पढ़ने के बाद 17 मरतबा सूरह इख्लास पढ़ें फिर अपने गुनाहों की मगफिरत की दुआ करें यह नमाज़ इसी लिए पढ़ा जाता है।

अब आईए जानते हैं शब ए कद्र की रहमत व बरकत भरी 4 रकात की नमाज़ का सही तरीका जी हां इस 4 रकात की नमाज़ की फजीलत बहुत है।

शब ए कद्र की 4 रकात नमाज़ की पहली रकात

  1. यहां भी शब ए कद्र की 4 रकात नमाज़ की नियत करें।
  2. हमने इसकी भी नियत नीचे बताई है आप समझ लें।
  3. इसके बाद सना यानी सुब्हान क अल्लाहुम्मा पुरा पढ़ें।
  4. फिर तअव्वुज यानी अउजुबिल्लाह मिनश शैतानीर्रजीम पढ़ें।
  5. इसके बाद तस्मियह यानी बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम पढ़ें।
  6. अब अल्हम्दु शरीफ यानी सूरह फातिहा शरीफ पुरा पढ़ें।
  7. अल्हम्दु शरीफ पढ़ने के बाद आहिस्ते से आमिन कहें।
  8. इसके बाद सूरह क़द्र यानी इन्ना अन्जलना एक मरतबा पढ़ें।
  9. फिर सूरह इखलास यानी कुल हुवल्लाहु शरीफ 15 बार पढ़ें।
  10. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  11. रूकूअ में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  12. अब समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  13.  इसके बाद उठते भर में रब्बना लकल हम्द भी कहें।
  14. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं।
  15. सज्दे में भी कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  16. फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से उठ कर बैठें।
  17. फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करें।
  18. अब अल्लाहु अकबर कह कर दुसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं।

शब ए कद्र की 4 रकात नमाज़ की दुसरी रकात

  1. यहां सबसे पहले अउजुबिल्लाह मिनश शैतानीर्रजीम पढ़ें।
  2. फिर बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम पढ़कर सूरह फातिहा पढ़ें।
  3. सूरह फातिहा पुरा पढ़ने के बाद आहिस्ते से आमिन कहें।
  4. इसके बाद सूरह क़द्र 1 बार और सूरह इखलास 15 बार पढ़ें।
  5. फिर इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  6. रूकूअ में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  7. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  8. फिर यहां भी उठते भर में रब्बना लकल हम्द जरूर कहें ।
  9. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं और तीन बार सुब्हान रब्बियल अला ज़रूर पढ़ें।
  10. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से सर उठाएं फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए तुरंत दुसरी सज्दा करें।
  11. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से उठ कर बैठ जाएं और अत्तहिय्यात पढ़ें।
  12. अत्तहिय्यात पढ़ते हुए जब कलिमे ला पर पहुंचे तो दाहिने हाथ से शहादत उंगली खड़ा करें‌ और इल्ला पर गिरा दें।
  13. इसके बाद यहां पर दुरूदे इब्राहिम पढ़ें और फिर दुआए मसुरा भी पढ़ें।
  14. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए तिसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं।

शब ए कद्र की 4 रकात नमाज़ की तिसरी रकात

  1. यहां पर भी सना यानी सुब्हान क अल्लाहुम्मा पुरा पढ़ें।
  2. फिर अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह दोनों को पुरा पढ़ें।
  3. अब सूरह फातिहा पुरा पढ़ें और आहिस्ते से आमिन कहें।
  4. फिर सूरह क़द्र 1 मरतबा पढ़ें और सूरह इखलास 15 बार पढ़ें।
  5. फिर इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  6. रूकूअ में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  7. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  8. फिर से यहां उठते भर में रब्बना लकल हम्द जरूर कहें।
  9. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं और तीन बार सुब्हान रब्बियल अला ज़रूर पढ़ें।
  10. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से सर उठाएं फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए तुरंत दुसरी सज्दा करें।
  11. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से सीधे चौथी रकात के लिए खड़े हो जाएं।

शब ए कद्र की 4 रकात नमाज़ की चौथी रकात

  1. यहां पर सिर्फ अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़ें।
  2. इसके बाद सूरह फातिहा पढ़ कर आहिस्ते से आमिन कहें।
  3. अब सूरह क़द्र 1 मरतबा और सूरह इखलास 15 मरतबा पढ़ें।
  4. फिर से यहां भी अल्लाहु अकबर कहते हुए रूकूअ में जाएं।
  5. रूकूअ में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
  6. फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठें।
  7. इसके बाद उठते ही भर में रब्बना लकल हम्द भी ज़रूर पढ़ें।
  8. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं और तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  9. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से सर उठाएं फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए दुसरी सज्दा करें।
  10. हर बार की तरह यहां भी दुसरे सज्दे में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
  11. अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से उठ कर बैठ जाएं और अत्तहिय्यात पढ़ें।
  12. अत्तहिय्यात पढ़ते हुए जब कलिमे ला पर पहुंचे तो दाहिने हाथ से शहादत उंगली खड़ा करें और तुरंत इल्ला पर गिरा दें।
  13. इसके बाद दुरूदे इब्राहिम पढ़ें फिर दुआए मसुरा पढ़ कर सलाम फेर लें।
  14. सबसे पहले अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए दाहिने तरफ गर्दन घुमाएं।
  15. इसके बाद अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए बाएं तरफ गर्दन को घुमाएं।

इस तरह से आपको 4 – 4 रकात की नियत करके 12 रकात नमाज़ तीन सलाम में मुकम्मल पढ़ना है दोनों सूरह को पढ़ने का ख़ास ध्यान रखें।

हर 4 रकात के बाद शब ए कद्र की तस्बीह यानी सुब्हानल्लाही वल हम्दु लिल्लाहि वला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर एक मरतबा जरूर पढ़ें, और एक मरतबा शब ए कद्र की दुआ भी पढ़ना है।

शब ए कद्र की नमाज़ पूरा पढ़ने का सही तरीका

सबसे पहले 4 – 4 रकात की नियत से तीन सलाम में 12 रकात नमाज़ पढ़ें जिस तरह से हमने 4 रकात वाली नमाज़ का तरीका उपर में बताया है।

इसके बाद 2 रकात का नमाज़ भी पढ़ने का तरीका सबसे उपर में जो बताया उसी 2 रकात को 12 रकात नमाज़ पढ़ने के बाद 2 इस रकात को पढ़ें।

इसके बाद 2 रकात नमाज़ इस तरह पढ़ें कि हर रकात में अल्हम्दु शरीफ़ पढ़ने के बाद सूरह अलम नशरह एक बार और 3 बार सूरह इख्लास पढ़ें।

बाकी सब उसी 2 रकात की तरह पढ़ेंगे इस तरह सिर्फ 2 रकात ही पढ़ें पढ़ लेने पर 27 बार सूरह कद्र पढ़ें फिर अपने मुताबिक दुआ ए अजकार करें।

शब ए कद्र की रात 2 – 2 रकात की नियत से 100 रकात नमाज़ इस तरह पढ़ें कि हर रकात में सूरह फातिहा के बाद एक मरतबा सूरह कद्र और 3 बार सूरह इख्लास पढ़ें।

हर 2 रकात नमाज़ पढ़ने के बाद 10 मरतबा सूरह इख्लास पढ़ें इस तरह आपकी शब ए कद्र की नमाज़ पुरी नमाज़ मुकम्मल हो जाएगी।

Shab E Qadr Ki Namaz Ki Niyat

नियत की मैने 2 रकात नमाज शब ए क़द्र की नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ अल्लाहु अकबर।

शब ए कद्र की नमाज़ की 4 रकात की नियत

नियत की मैने 4 रकात नमाज शब ए क़द्र की नफ्ल वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ़ की तरफ अल्लाहु अकबर।

Shab E Qadr Ki Namaz Ki Rakat

अगर आपने ध्यान से पढ़ा होगा तो आपको यह मालूम हुआ होगा कि शब ए कद्र की नमाज़ सबसे पहले 4 – रकात करके 12 रकात मुकम्मल करें।

इसके बाद 2 रकात की नियत से एक नमाज़ पढ़ें फिर 2 रकात की नियत से एक और नमाज़ पढ़ेंगे इसके बाद 100 रकात 2 – 2 रकात की नियत से नमाज़ पढ़ें।

आपको यह भी जानना चाहीए की शब ए कद्र में नफ्ल इबादत की जाती है इसमें नमाज़ पढ़ने की रकात फिक्स नहीं है जितना पढ़ेंगे उतनी नेकी हासिल होगी।

Shab E Qadr Ki Namaz Ke Baad Ki Dua

इस दुआ यानी ‘अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफ़वा फअफु अन्नी’ को आपको हर बार सलाम फेर लेने पर जरूर पढ़ना चाहिए।

अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों आप ने अब तक तो शब ए कद्र की नमाज़ अदा करना सिख ही गए होंगे, अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप हमसे कॉमेंट करके पूछ सकते हैं और इस बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच शेयर करें जिसे वो भी सही से शब ए कद्र की नमाज़ पढ़ सकें।

एक बात और अगर कहीं पर आपको गलत लगा हो या कहीं कुछ छूट गई हो तो भी आप हमें कॉमेंट करके इनफॉर्म करें ताकि हम अपनी गलतियां सुधार सकें हम सब से छोटी बड़ी गलतियां होती रहती है इस के लिए आप को हम सब का रब जरूर अज्र देगा इंशाल्लाह तआला।

My name is Muhammad Ittequaf and I'm the Editor and Writer of Namazein. I'm a Sunni Muslim From Ranchi, India. I've experience teaching and writing about Islam Since 2019. I'm writing and publishing Islamic content to please Allah SWT and seek His blessings.

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