Darood E Taj In Hindi । दरूद ए ताज हिंदी, अरबी और इंग्लिश में

आज यहां पर आप एक बहुत ही ख़ास बरकत व रहमत भरी दरूद यानी Darood E Taj In Hindi के साथ साथ अरबी और इंग्लिश में भी पढ़ेंगे।

हमने यहां पर दरूद ए ताज बहुत ही साफ़ और आसान लफ्ज़ों में लिखा है जिसे आप सही और आसानी से हर एक हर्फ को पढ़ पाएंगे।

इसके बाद आपको कहीं और दरूद ए ताज नहीं सर्च करनी पड़ेगी इसीलिए आप यहां पर इत्मीनान से हर हर्फ को सही सही पढ़ें और समझें।

Darood E Taj In Hindi

अल्लाहुम्मा सल्लि अला सैयिदिना व मौलाना मुहम्मदिन

साहिबिताजि वल मिअराजि वल बुराकि वल अलम

दाफिइल बलाइ वल वबाइ वल कहती वल मरदी वल अलम

इसमुहू मक्तुबूम मरफूउम मशफूउम मनकूशुन फिल्लौहि वल कलम

सैयिदिल अ र बि वल अजम

जिस्मुहू मुकद्दसुम मुअत्तरूम मुतह्हरूम मुनव्वरुन फिल बैति वल हरम

शमसिद्दुहा

बदरिद्दुजा

सदरिल उला

नूरिल हूदा

कहफिल वरा

मिस्बाहिज्जूलम

जमीलिश शियम

शफि इल उमम

साहिबिल जूदि वल करम

वल्लाहु आसिमुहु

वजिब्रील खादिमुहू

वल बुराकु मरकबुहू

वल मिअराजु सफ रूहू

वसिदरतुल मुन्तहा मकामुहू

व का ब कौसैनि मतलूबुहू

वल मतलूबु मकसुदुहु

वल मकसूदु मौजूदुहू

सैयदील मुरसलीन

खातमन नबिय्यीन

शफिइल मुज्निबिन

अनीसिल गरीबीन

रहमतिल लिल आलमिन

राहतिल आशिकीन

मुरादिल मुश्ताकीन

शम्सिल आरिफीन

सिराजिस्सालिकीन

मिस्बाहिल मुकर्रबीन

मुहिबिल फुकराइ वल गुरबाइ वल यतामा वल मसाकीन

सैयिदिस्सकलैनि

नबिय्यील हर मैनि

इमामिल किब्लतैनि

वसी लतिना फिद्दारैनि

साहिबे का ब क़ौसैनि

महबुबि रब्बिल मशरिकैनि वल मगरिबैन

जद्दिल हसनि वल हुसैन

मौलाना व मौलस सकलैन

अबिल कासिमि मुहम्मदिब्नि अब्दिल्लाह

नूरिम मिन नूरिल्लाह

या अय्युहल मुश्ताकूना बिनूरि जमालिही

सल्लु अलैहि व आलिहि व अस्हाबिही व सल्लिमू तस्लीमा

Darood E Taj In Arabic

اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ سَيِّدِنَا وَمَوْلَانَا مُحَمَّدٍ

صَاحِبِ التَّاجِ وَالْمِعْرَاجِ وَالْبُرَاقِ وَالْعَلَمِ

دَافِعِ الْبَلآءِ وَالْوَبَآءِ وَالْقَحْطِ وَالْمَرَضِ وَالْأَلَمِ

اِسْمُهُ مَكْتُوبٌ مَرْفُوعٌ مَشْفُوعٌ مَنْقُوشٌ فِي اللَّوْحِ وَالْقَلَمِ

سَيِّدِ الْعَرَبِ وَالْعَجَمِ

جِسْمُهُ مُقَدَّسٌ مُعَطَّرٌ مُطَهَّرٌ مُنَوَّرٌ فِي الْبَيْتِ وَالْحَرَمِ

شَمْسِ الضُّحَى

بَدْرِ الدُّجَى

صَدْرِ الْعُلَى

نُورِ الْهُدَى

كَهْفِ الْوَرَى

مِصْبَاحِ الظُّلَمِ

جَمِيلِ الشِّيَمِ

شَفِيعِ الْأُمَمِ

صَاحِبِ الْجُودِ وَالْكَرَمِ

وَاللهُ عَاصِمُهُ

وَجِبْرِيلُ خَادِمُهُ

وَالْبُرَاقُ مَرْكَبُهُ

وَالْمِعْرَاجُ سَفَرُهُ

وَسِدْرَتُ الْمُنْتَهَى مَقَامُهُ

وَقَابَ قَوْسَيْنِ مَطْلُوبُهُ

وَالْمَطْلُوبُ مَقْصُودُهُ

وَالْمَقْصُودُ مَوْجُودُهُ

سَيِّدِ الْمُرْسَلِينَ

خَاتِمِ النَّبِيِّينَ

شَفِيعِ الْمُذْنِبِينَ

أَنِيسِ الْغَرِيبِينَ

رَحْمَةٍ لِلْعَالَمِينَ

رَاحَةِ الْعَاشِقِينَ

مُرَادِ الْمُشْتَاقِينَ

شَمْسِ الْعَارِفِينَ

سِرَاجِ السَّالِكِينَ

مِصْبَاحِ الْمُقَرَّبِينَ

مُحِبِّ الْفُقَرَاءِ وَالْغُرَبَاءِ وَالْمَسَاكِينِ

سَيِّدِ الثَّقَلَيْنِ

نَبِيِّ الْحَرَمَيْنِ

إِمَامِ الْقِبْلَتَيْنِ

وَسِيلَتِنَا فِي الدَّارَيْنِ

صَاحِبِ قَابَ قَوْسَيْنِ

مَحْبُوبِ رَبِّ الْمَشْرِقَيْنِ وَالْمَغْرِبَيْنِ

جَدِّ الْحَسَنِ وَالْحُسَيْنِ

مَوْلَانَا وَمَوْلَى الثَّقَلَيْنِ

أَبِي الْقَاسِمِ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ اللهِ

نُورٍ مِنْ نُورِ اللهِ

يَا أَيُّهَا الْمُشْتَاقُونَ بِنُورِ جَمَالِهِ

صَلّوُا عَلَيْهِ وَآلِهِ وَأَصْحَابِهِ وَسَلِّمُوا تَسْلِيمًا

Darood E Taj In English

Allahumma Salli Alaa Sayyideena Wa Maulana Muhammadeen

Sahibitazee Wal Mi’Arazee Wal Buraakee Wal Alam

Dafieel Balaee Wal Wabaee Wal Kahtee Wal Mardee Wal Alam

Ismuhoo Matquboom Marfooum Mashfuoom Man Kushoon Fillauhi Wal Kalam

Saiyideel A-ra-bee Wal Azam

Jismoohu Mukaddasum Mu’Attarum Mutahhuroom Munawwarun Feel Baitee wal Haram

Shasidduha

Baddridduza

Sadreel Ula

Nureel Hudaa

Kahfeel Waraa

Misbahizzuloom
Jamilish Liyam

Shafieel Umam

Sahibeel Joodi wal Karam
Wallahoo Aasimoohu

Wajibreel Khadimuhoo

Wal Burakoo Markabuhoo

Wal Mi’Arazu Saf Ruhoo

Wasidratool Muntahaa Maqamuhoo

Wa-Kaa-ba Kausainee Matlubuhoo

Wal Matluboo Maqsuduhoo

Wal Maqsudoo Mauzuduhoo

Saiyadeel Mursaleen
Khaatman Nabiyeen

Safieel Muzneebeen

Aniseel Garibeen

Rahamteel leel Aalmeen

Raahteel Aashiqeen

Muraadeel Mushtaqeen
Shamseel Aarifeen

Sirazis-sali keen

Misbaaheel Mukarrabeen

Muhibul Fuqraai Muhibeel Wal Gurbai Wal Yatama Wal Masakeen.
Saiyidis-saklainee

Nabieel Har mainee

Imameel Qiblatainee

Wasee Latinaa Fiddarainee
Saahibe Ka ba Qausainee

Mahbubee Rabbil Mashrikaini Wal Magribayn

Jaddeel Hasnee wal Husain

Maulana Wa Maulas Shaklain
Aabeel Qaseemi Muhammadibnee Abdeellah

Nureem Min Nurillah

Ya Ayyuhal Mushtaquna Binoori Jamaaleehi

Sallu Alaihee Wa Aalihee Wa Ashabeehi Wa Saloo Tasleema

Darood E Taj Ka Tarjuma

ऐ अल्लाह रहम फरमा हमारे सरदार और हमारे आका मोहम्मद ताज व मेराज वाले बुराक और बुलंदी वाले पर बलिय्यात व वबाए कहत व मर्ज दुख और मुसीबत के दूर करने वाले पर जिन का इस्मे गिरामी लिखा हुवा है बुलंद है और अल्लाह करीम के नाम के साथ जुड़ा हुआ है।

लौहे महफूज़ और कलम में रंग आमेजी किया हुआ है अरब और अज़म के सरदार जिन का जिस्मे मुबारक हर ऐब से मुबर्रा खुशबू का मम्बअ इंतिहाई पाकीज़ा नुरून अला नूर अपने घर और हरम में इन तमाम अहवाल के साथ आज भी मौजूद है।

सुबह के रोशन और खुशनुमा सूरज चौदहवीं रात के चांद बुलंदी के मआखज हिदायत के नूर मखलूक की जाए पनाह तारिकीयों के चराग बेहतरीन खुलक व आदात वाले उनको की शफाअत करने वाले सखावत और कर्म के वाली पर दुरुदो सलाम और अल्लाह पाक उनका मुहाफिज है।

जिब्रील अमीन का खादिम हैं और बुराक सुवारी है मेराज उनका सफर है और सिद्रतुल मुंतहा उनका मकाम है और काब कौसेन कमाले कुर्बे इलाही उन का मत्लूब है और मत्लूब यानी कमाले कुर्बे इलाही ही मकसूद है‌ और मकसूद हासिल हो चुका है।

तमाम रसूलों के सरदार तमाम अंबिया के बाद आने वाले गुनहगारों की शफाअत करने वाले मुसाफिरों और अजनबीयों के गम गुसार तमाम जहानों पर रहम फरमाने वाले आशिकों की राहत और मुशताको की मुराद जुम्लाहाए आरिफों के सूरज सालीको के चराग मुकर्रबीन की शम्अ फकिरों परदेशियों और मिस्कीनो से मोहब्बत व उल्फत रखने वाले।

जिन्नात और इंसानों के सरदार हरमे मक्का और हरमे मदीना के नबी बैतूल मुकद्दस और खानाए काबा दोनों किब्लों के इमाम दुनिया व आखिरत में हमारे वसीला काब कौसेन की नवीद वाले मशिरको और और मगरीबो के रब के हबीब इमामे हसन और इमामे हुसैन के नाना।

हमारे आका जुम्ला जिन्न व इनस के वाली यानी अबुल कासिम मोहम्मद बिन अब्दुल्लाह अल्लाह पाक के नूर में से अजमत व रिफअत वाले।नूर पर दुरूदो सलाम उन के नूर जमाल के आशिकों खुब सलातो सलाम भेजो उनकी जाते वाला सिफात पर और उनकी आल व अस्हाब पर।

अंतिम लफ्ज़

मेरे प्यारे मोमिनों अब तक तो आप भी दरूद ए ताज को पढ़ कर याद भी कर लिए होंगे हमने यहां पर दरूद ए ताज को हिंदी, इंग्लिश और अरबी भाषा में लिख कर बताया जिसे आप अपने पसंदीदा भाषा में सही से पढ़ कर याद कर के रोजमर्रा के ज़िंदगी में भी पढ़ सकें।

अगर अभी भी आपके जेहन में दरूद ए ताज से ताल्लुक कोई सवाल या फिर किसी तरह का डाउट हो तो आप हमसे कॉमेंट करके ज़रूर पूछें हम आपके सभी सवालों का जवाब देंगे साथ ही अपने दोस्त अहबाब और जिन्हें ज़रूरत हो उन तक दरूद ए ताज जरूर शेयर करें।

My name is Muhammad Ittequaf and I'm the Editor and Writer of Namazein. I'm a Sunni Muslim From Ranchi, India. I've experience teaching and writing about Islam Since 2019. I'm writing and publishing Islamic content to please Allah SWT and seek His blessings.

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